हर एक फ्रैंड नगीना होता है ।

हर एक फ्रैंड नगीना होता है ।

दोस्त कितना सच्चा सा सब्द है ये दोस्त । दोस्त कह लो या मित्र या सखा यु तो दोस्ती की काफी मिसाल दी जाती है ये कहानी है सर्वेश की , सर्वेश एक ऐसे परिवार से आता था जहा उसे कई पाबंदी में जीना पड़ता था , मतलब जेल की जिंदगी जहा बचपन से उसे उसी पाबंदी के साथ जीना पड़ता है जो उसकी शादी और बचे होने पर भी वो कभी समाज की उन पाबंदियों से नहीं निकल पाता ।

क्या आप सोच सकते है एक ESA बच्चा जिसका कोई दोस्त क्यों नहीं, कोई दोस्त नहीं नहीं ना ।
पर ये सच है क्योकि उसके माँ बाप को लगता था की उनका बेटा उनकी संगत में रह के बिगड़ जायेगा ।

उस कारन उसको न तो इसी पार्टी इ जाने देते थे न उनको बुलाते थे , और जाना भी होता तो
साथ में जाते थे । और वो खुल के अपनी जिंदगी नहीं जी पाता था । उसको आजादी की इतनी अवसक्ता थी की जैसे पयासे को पानी

वो स्कूल भी टेम्पू में जाता ।टम्पू में आता उसकी पूरी जिंदगी में उसे कबि कोई काम अकेले नहीं करने दिया , और वो बच्चा दबु बन गया , आने जाने में बोलने में स्टेज पे सुब जगह घबराने लगा और जब वो बड़ा हो गया तब उसपे दबाव डालने लगे तू ये नहीं करता तू वो नहीं करता तू कुछ करता क्यों नहीं

पर उन्हें कोण बताये छोटा बच्चा रोटी ी जैसे होते है उनको जैसा बनाओगे वो वैसे ही बनेंगे

ये इसलिए नहीं लिखा की किसी की भावनाओ को ठेस पहुचाये , बल्कि इसलिए लिखा की एक भी माँ बाप इसे पढ़ले तो किसी बच्चे की जिंदगी सुधर जाये

जय हिन्द
लेखक ; मानवेन्द्र सिंह नरुका
बॉस आफ टेड़ीशोप

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